संज्ञा - हिंदी व्याकरण, परिभाषा भेद, उदाहरण | Sangya In Hindi | Noun in hindi

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संज्ञा - हिंदी व्याकरण, परिभाषा भेद, उदाहरण | Sangya In Hindi | Noun in hindi

स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर नमस्कार दोस्तों आज हम आपके लिए हिंदी व्याकरण एक और टॉपिक संज्ञा।
दोस्तो यह टॉपिक हिंदी व्याकरण तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण है।
इस टॉपिक को टायपिंग करते वक्त पूर्ण सावधानी बरती गई हैं। फिर भी कोई गलती हो या आपको कोई सुझाव देना हो तो कमेंट करके बतायें ।
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सज्ञां : -

परिभाषा : -

● किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, भाव, अवस्था, गुण या दशा के नाम को संज्ञा कहते हैं।
● जैसे आलोक, पुस्तक, जोधपुर, दया, बचपन, मिठास, गरीबी आदि। 

प्रकार : -

संज्ञा मुखयतः तीन प्रकार की होती है :-
(1) व्यक्तिवाचक संज्ञा 
(2) जातिवाचक संज्ञा 
(3) भाववाचक संज्ञा

(1) व्यक्तिवाचक सज्ञां : -

● व्यक्ति विशेष, वस्तु विशेष अथवा स्थान विशेष के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। 

जैसे :- 

व्यक्ति विशेष : 

● अभिषेक, गुंजन, कविता, कामिनी, लोकेश। 

वस्तू विशेष :-

● रामायण, ऊषापंखा, रीटामशीन। 

स्थान विशेष : 

● जयपुर, गंगा, ताजमहल, हिमालय।

(2) जातिवाचक सज्ञां : -

● जिस संज्ञा से किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान की जाति या पूरे वर्ग का बौध होता है, उसे जातिवाचक सज्ञां कहते है।

जैस :-

प्राणी : -

● मनुष्य, लडक़ी, घाडे़, मोर, सेना, सभा 

वस्तु : - 

● पुस्तक, पंखा, मशीन, दूध, साबुन, चाँदी 

स्थान : -

● पहाड़, नदी, भवन, शहर, गाँव, विद्यालय

(3) भाववाचक सज्ञां : -

● किसी भाव, अवस्था, गुण अथवा दशा के नाम को भाववाचक संज्ञा कहते हैं। 
जैसे : - सुख, बचपन, सुन्दरता। 
नोट :- कुछ विद्वान (1) समुदायवाचक संज्ञा तथा (2) द्रववाचक संज्ञा दो भेद आरै बताते हैं किन्तु हिन्दी में उक्त दोनों भेद जाति-वाचक संज्ञा के अन्तगर्त आते हैं।

भाववाचक सज्ञांएँ बनाना :-

● जातिवाचक संज्ञा, सवर्नाम, विशेषण, क्रिया तथा कछु अव्यय पदों के साथ प्रत्यय के मेल से भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं।

1.जातिवाचक सज्ञां से भाववाचक सज्ञां :-

(अ)‘ता’ प्रत्यय के मेल से 

● मानव-मानवता, मित्र-मित्रता, प्रभ-ुप्रभतु, पश-ुपशतु

(आ) त्व : - 

● पशु-पशुत्व, मनुष्य-मनुष्यत्व, कवि-कवित्व, गुरु-गुरुत्व।

(इ) पन : -

● लड़का-लड़कपन, बच्चा-बचपन।

(ई) अ : -

● शिशु-शैशव, गुरु-गौरव, विभु-वैभव।

(उ) इ : -

● भक्त-भक्ति।

(ऊ) ई :-

● नौकर-नौकरी, चोर-चोरी।

(ए) आपा : -

● बूढ़ा-बुढ़ापा, बहन-बहनापा।

2.सर्वनाम से भाववाचक सज्ञां:-

(अ) त्व :- 

● अपना-अपनत्व, निज - निजत्व, स्व-स्वत्व।

(आ) पन :-

● अपना - अपनापन, पराया-परायापन।

(इ) कार :-

● अहं - अहंकार।

(ई) स्व :-

● सर्व-सर्वस्व।

3. विशेषण से भाववाचक सज्ञां : -

(अ) आई :-

● साफ-सफाई, अच्छा-अच्छाई, बुरा-बुराई।

(आ) आस-

● खट्टा-खटास, मीठा-मिठास।

(इ) ता-

● उदार-उदारता, वीर-वीरता, सरल-सरलता।

(ई) य :-

● मधुर - माधुर्य, सुन्दर-सौन्दर्य,स्वस्थ-स्वास्थ्य।

(उ) पन : -

● खट्टा - खट्टापन, पीला-पीलापन।
(ऊ) त्व - 
● वीर - वीरत्व।
(ए) ई - 
● लाल - लाली।

4. क्रिया से भाव-वाचक सज्ञां :-

(अ) अ :-
खेलना-खेल, लूटना - लूट, जीतना-जीत।
(आ) इ-
● र्हँसना-हँसी,
(इ) आइ-
● चढ़ना-चढ़ाई, पढ़ना-पढ़ाई, लिखना-लिखाई
(इ) आवट :-
● बनाना-बनावट, थकना-थकावट, लिखना-लिखावट।
(उ) आव :-
● चुनना-चुनाव।
(ऊ) आहट-
● घबराना-घबराहट, गनुगुनाना-गनुगनुहट।
(ए) न :-
● लेना-देना - लेन-देन, खाना-खान।

5.अव्यय से भाववाचक सज्ञां :-

(अ) ई  :-
● भीतर-भीतरी, ऊपर,-ऊपरी दूर-दूरी।
(आ) य :-
● समीप - सामीप्य।
(इ) इक :-
● परस्पर - पारस्परिक, व्यवहार -व्यावहारिक। 
(इ) ता :- 
● निकट - निकटता, शीघ-्रशीघत्रा।

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