मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A): स्वर्ण सिंह समिति और 11 कर्तव्य | UPSC Notes

 भारतीय राजव्यवस्था (GS Paper-II): मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)

मौलिक कर्तव्य: एक परिचय (Introduction)
  • मूल संविधान में: मूल रूप से भारतीय संविधान में नागरिकों के लिए मौलिक कर्तव्यों का कोई उल्लेख नहीं था।
  • स्रोत: यह प्रावधान तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस - USSR) के संविधान से प्रेरित होकर जोड़ा गया है।
  • संविधान का भाग व अनुच्छेद: इसके लिए संविधान में एक नया भाग IV-A और अनुच्छेद 51-A जोड़ा गया।
  • प्रकृति: नीति निदेशक तत्वों (DPSP) की तरह मौलिक कर्तव्य भी गैर-न्यायोचित (Non-Justiciable) हैं। यानी इनके उल्लंघन या पालन न करने पर सीधे तौर पर अदालत द्वारा सजा नहीं दी जा सकती, जब तक कि संसद ने इसके लिए कोई विशेष कानून न बनाया हो।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संशोधन (Historical Background)
  • स्वर्ण सिंह समिति (1976): आपातकाल के दौरान केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ द्वारा गठित सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल किया। (ध्यान दें: इस समिति ने केवल 8 कर्तव्यों की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने 10 कर्तव्य जोड़े थे)।
  • 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976: इसके तहत संविधान में पहली बार 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए।
  • 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002: इसके तहत संविधान में 11वां मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया (शिक्षा से संबंधित)। वर्तमान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं।

11 मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची (List of All 11 Fundamental Duties)
अनुच्छेद 51A के अनुसार, भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह:
  1. संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे।
  2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करे।
  3. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे।
  4. देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करे।
  5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व (भाईचारे) की भावना का निर्माण करे, जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो; तथा ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।
  6. हमारी सामासिक संस्कृति (Composite Culture) की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका परिरक्षण करे।
  7. प्राकृतिक पर्यावरण की (जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्यजीव हैं) रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखे।
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper), मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे।
  9. सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे।
  10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे, जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊंचाइयों को छू सके।
  11. (11वां कर्तव्य): यदि माता-पिता या संरक्षक हैं, तो 6 से 14 वर्ष तक की आयु वाले अपने बच्चे या प्रतिपाल्य को शिक्षा के अवसर प्रदान करे। (86वें संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया)।

महत्वपूर्ण समितियां और तथ्य (Crucial Facts for UPSC/PSC)
  • वर्मा समिति (1999): मौलिक कर्तव्यों को कानूनी रूप से लागू करने और इसके कार्यान्वयन के लिए जे.एस. वर्मा समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने पहचान की कि कई मौलिक कर्तव्यों को लागू करने के लिए भारत में पहले से ही कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, जैसे:
    • राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के अपमान पर रोक)।
    • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा के लिए)।
    • सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (जाति और धर्म से जुड़े अपराधों पर रोक)।

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