Rajasthan Current Affairs January 2026 PDF | राजस्थान करेंट अफेयर्स जनवरी 2026 | LDC, CET, RAS

राजस्थान Current affairs जनवरी 2026 PDF


Rajasthan Current Affairs January 2026 PDF | राजस्थान करेंट अफेयर्स जनवरी 2026 | LDC, CET, RAS





राजस्थान करंट GK जनवरी 2026


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कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2026

● हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चंबल नदी तट पर प्रथम कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2026 का आयोजन किया गया।


मुख्य बिंदु

● इस कार्यक्रम का आयोजन होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (HFR) द्वारा राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग तथा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के समर्थन से किया गया।

● ट्रैवल मार्ट का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।

● इसका मुख्य उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

● इस आयोजन में वन्यजीव अभयारण्य, चंबल नदी आधारित पर्यटन, ऐतिहासिक किले तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

● हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों को विशेष रूप से शामिल किया गया।

● कार्यक्रम के दौरान राजस्थान पर्यटन विभाग और होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (HFR) के बीच पर्यटन विकास को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

● इस पहल का उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र को राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करना तथा स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना है।

राजस्थान में AI Impact Conference 2026

● इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने घोषणा की है कि जनवरी 2026 में जयपुर क्षेत्रीय AI Impact Conference 2026 की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन IndiaAI Impact Summit 2026 की पूर्व तैयारी के रूप में आयोजित किया जा रहा है।


मुख्य बिंदु

● सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से सुशासन, आर्थिक विकास, नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

● इस सम्मेलन का मुख्य विषय "People, Planet, Progress" तथा IndiaAI Mission के सात स्तंभ (Seven Pillars) पर आधारित है।

● सम्मेलन में सार्वजनिक सेवा वितरण, नैतिक AI (Ethical AI) तथा शहरी नियोजन एवं प्रशासन में Digital Twin तकनीक जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

● यह पहल सतत विकास, शासन की दक्षता में सुधार तथा राजस्थान को AI नवाचार के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI)

● AI (Artificial Intelligence) ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से कंप्यूटर या मशीनें वे कार्य कर सकती हैं, जिनके लिए सामान्यतः मानव बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है।

● वर्तमान में AI सभी मानवीय कार्य नहीं कर सकता, लेकिन कई विशिष्ट कार्यों को तेज़ी और सटीकता के साथ करने में सक्षम है।

● Deep Learning (DL) तकनीक बड़ी मात्रा में असंरचित डेटा (जैसे टेक्स्ट, चित्र और वीडियो) का विश्लेषण कर स्वतः सीखने (Automatic Learning) में सक्षम बनाती है।

● Machine Learning (ML), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की एक प्रमुख शाखा है, जिसमें मशीनें डेटा के आधार पर सीखती हैं और समय के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार करती हैं।

राजस्थान के नागौरी अश्वगंधा को GI टैग प्राप्त हुआ

भारत सरकार ने राजस्थान के नागौर जिले में उत्पादित "नागौरी अश्वगंधा" को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication - GI) टैग प्रदान किया है। इससे नागौरी अश्वगंधा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिली है।


मुख्य बिंदु

● नागौरी अश्वगंधा को उसकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा एवं भौगोलिक उत्पत्ति के आधार पर GI टैग प्रदान किया गया।

● GI टैग मिलने के बाद राजस्थान में GI टैग प्राप्त उत्पादों की कुल संख्या 22 हो गई है।

● यह राजस्थान का 22वाँ GI टैग प्राप्त उत्पाद तथा कृषि क्षेत्र का दूसरा GI टैग प्राप्त उत्पाद है।

● GI टैग का प्रमाणपत्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत भौगोलिक संकेतक (GI) रजिस्ट्री, चेन्नई द्वारा जारी किया गया।

● इस उपलब्धि के लिए नागौरी वेलफेयर सोसायटी, अमरपुरा ने वर्ष 2023 से लगातार प्रयास किए।

● GI टैग मिलने से उत्पाद की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी तथा नकली उत्पादों पर रोक लगेगी।

● इससे किसानों को आयुर्वेदिक एवं फार्मास्यूटिकल उद्योगों से बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

● GI प्रमाणन के बाद प्रमाणित नागौरी अश्वगंधा ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस नाम से बेची जा सकेगी, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।


नागौरी अश्वगंधा की विशेषताएँ

● नागौरी अश्वगंधा मुख्यतः नागौर, बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, सीकर और जोधपुर के शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है।

● इसकी खेती विशेष रूप से नागौर, कुचामन, लाडनूं, बीदासर, डूंगरगढ़, नोखा तथा आसपास के क्षेत्रों में की जाती है।

● यह औषधीय गुणों से भरपूर फसल है, जिसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में व्यापक रूप से किया जाता है।


GI (Geographical Indication) टैग क्या है?

GI (Geographical Indication) ऐसा बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Right) है, जो किसी उत्पाद को उसकी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति और गुणवत्ता के आधार पर प्रदान किया जाता है।

● भारत में GI टैग वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री (चेन्नई) द्वारा प्रदान किया जाता है।

● GI टैग मिलने से उत्पाद की पहचान, गुणवत्ता, ब्रांड वैल्यू, किसानों की आय और निर्यात में वृद्धि होती है।

राजस्थान में माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन एवं एक्सपो 2026

● केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जोधपुर (राजस्थान) में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन एवं एक्सपो 2026 को संबोधित किया।

मुख्य बिंदु

● इस सम्मेलन का आयोजन माहेश्वरी समाज द्वारा किया गया।

● सम्मेलन का उद्देश्य व्यापार, उद्योग, उद्यमिता, कौशल विकास और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था।

● अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम, व्यापार, उद्योग तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

● समाज ने परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विकास की नई दिशा दिखाई है।

● सम्मेलन में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग तथा भारतीय भाषाओं (स्वभाषा) को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

● सामाजिक रूप से संगठित एवं सशक्त समाज को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया गया।

● अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है तथा शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।

राजस्थान की बामनवास कांकड़ पहली पूर्ण जैविक पंचायत बनी

कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कांकड़ पंचायत राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्णतः जैविक-प्रमाणित पंचायत बन गई है।


मुख्य बिंदु

● पंचायत को National Programme for Organic Production (NPOP) के मानकों के अनुसार पूर्ण जैविक पंचायत का प्रमाणन प्राप्त हुआ।

● इस प्रमाणन प्रक्रिया में COFED (Confederation of Organic Societies and Producer Companies) ने तकनीकी एवं विपणन सहयोग प्रदान किया।

● पंचायत के किसानों ने रासायनिक उर्वरकों एवं रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद करने का संकल्प लिया।

● इस परिवर्तन में स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिला किसानों, की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

● जैविक खेती अपनाने के पीछे मृदा संरक्षण, भूजल संरक्षण, मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण सुरक्षा प्रमुख कारण रहे।

● यह पंचायत जैविक कृषि, पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए सतत ग्रामीण विकास का सफल मॉडल बनकर उभरी है।

● यह मॉडल भविष्य में राजस्थान एवं अन्य राज्यों की पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

जयपुर में क्षेत्रीय श्रम एवं रोजगार सम्मेलन का उद्घाटन

14–15 जनवरी 2026 को जयपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय श्रम एवं रोजगार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।


मुख्य बिंदु

● यह सम्मेलन देशभर में आयोजित किए जा रहे छह क्षेत्रीय श्रम परामर्श सम्मेलनों की श्रृंखला का हिस्सा था।

● सम्मेलन में उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के श्रम एवं उद्योग सचिवों ने भाग लिया।

● सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चार नई श्रम संहिताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना तथा श्रम प्रशासन को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाना था।

● सम्मेलन में वेब-आधारित निरीक्षण प्रणाली (Web-based Inspection System) को लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

● सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के दायरे को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुँचाने पर चर्चा की गई।

● 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करके चार श्रम संहिताओं में शामिल किया गया है, जिससे कानूनों का पालन सरल होगा तथा श्रमिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

● सम्मेलन में ई-श्रम पोर्टल को अन्य सरकारी डेटाबेस से जोड़ने तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

● इसका उद्देश्य संघीय समन्वय को मजबूत करना, राज्यों में श्रम सुधारों को गति देना तथा रोजगार सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

राजस्थान में भारतीय ऊन क्षेत्र पर चिंतन शिविर

केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड (CWDB), वस्त्र मंत्रालय द्वारा जनवरी 2026 में अविकानगर (राजस्थान) में भारतीय ऊन क्षेत्र पर चिंतन शिविर आयोजित किया गया।

मुख्य बिंदु

● इस शिविर का आयोजन ICAR–केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI), अविकानगर के सहयोग से किया गया।

● इसका उद्देश्य भारत की आयातित उच्च गुणवत्ता वाली ऊन पर निर्भरता कम करना तथा देश में ऊन उत्पादन को बढ़ावा देना है।


शिविर में निम्न विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया:

● ऊन मूल्य श्रृंखला (Wool Value Chain) को मजबूत करना।

● भेड़ पालन एवं ऊन उत्पादन को बढ़ावा देना।

● ऊन एवं तकनीकी वस्त्रों में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना।

● भारतीय ऊन की ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात बढ़ाना।

● ऊन प्रसंस्करण हेतु Common Facility Centres (CFCs) का विस्तार करना।


प्रमुख सिफारिशें

● ऊन की गुणवत्ता सुधारने के लिए उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित किए जाएँ।

● ऊन प्रसंस्करण से जुड़ी अवसंरचना एवं आधुनिक तकनीकों का विकास किया जाए।

● किसानों, MSMEs तथा उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

● मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए।


महत्व

● यह पहल ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगी।

● भारतीय ऊन उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

● यह मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी।

कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) घोषित

केंद्र सरकार ने राजस्थान स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास के क्षेत्र को इको-सेंसिटिव ज़ोन (Eco-Sensitive Zone - ESZ) के रूप में अधिसूचित किया है।


मुख्य बिंदु

● यह अधिसूचना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी की गई।

● कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान की अरावली पर्वतमाला में स्थित है।

● यह अभयारण्य उदयपुर, राजसमंद और पाली जिलों में फैला हुआ है।

● अधिसूचित इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) अभयारण्य की सीमा से 0 से 1 किलोमीटर तक विस्तृत है।

● इस ESZ का कुल क्षेत्रफल लगभग 243 वर्ग किलोमीटर है तथा इसमें लगभग 94 गाँव शामिल हैं।


इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) का उद्देश्य

● संरक्षित वन क्षेत्र और मानव बस्तियों के बीच बफर ज़ोन का कार्य करना।

● जैव विविधता का संरक्षण करना।

● वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

● पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना।


ESZ में प्रतिबंधित गतिविधियाँ

● व्यावसायिक खनन।

● प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की स्थापना।

● ईंट-भट्टों का संचालन।

● बड़े पैमाने पर नए होटल, रिसॉर्ट एवं अन्य निर्माण कार्य (निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिबंधित या नियंत्रित)


अनुमत गतिविधियाँ

● कृषि एवं बागवानी।

● वर्षा जल संचयन।

● पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) पर्यटन।

● स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े पारंपरिक कार्य, पर्यावरणीय मानकों के अनुसार।


पारिस्थितिक महत्व

यह अभयारण्य अनेक दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है, जिनमें प्रमुख हैं—

● जंगली बिल्ली (Wild Cat)

● भारतीय पैंगोलिन (Indian Pangolin)

● नीलगाय

● चिंकारा


● इसी कारण यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।


परीक्षा की दृष्टि से:

अधिसूचना जारी करने वाला मंत्रालय — पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)

अरावली में स्थित अभयारण्य — कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य

● ESZ सीमा — 0 से 1 किमी

● कुल क्षेत्रफल — लगभग 243 वर्ग किमी

● शामिल गाँव — लगभग 94

● जिले — उदयपुर, राजसमंद एवं पाली

नीति आयोग ने जयपुर में सर्कुलर इकोनॉमी पर तीन रिपोर्ट लॉन्च कीं

नीति आयोग ने जनवरी 2026 में जयपुर (राजस्थान) में आयोजित इंटरनेशनल मैटेरियल रिसाइक्लिंग कॉन्फ्रेंस (IMRC) 2026 के दौरान सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी कीं।


मुख्य बिंदु

● इन रिपोर्टों का विमोचन इंटरनेशनल मैटेरियल रिसाइक्लिंग कॉन्फ्रेंस (IMRC) 2026 के दौरान किया गया।

● इस सम्मेलन का आयोजन Material Recycling Association of India (MRAI) द्वारा किया गया।


रिपोर्टों में मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

● End-of-Life Vehicles (ELVs)

● अपशिष्ट टायर (Waste Tyres)

● ई-कचरा (E-Waste)

● लिथियम-आयन बैटरियाँ (Lithium-ion Batteries)

● इन रिपोर्टों का उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी चुनौतियों एवं अवसरों का विश्लेषण करना तथा नीति संबंधी सुझाव देना है।

● रिपोर्टों में अवसंरचना विकास, अनौपचारिक क्षेत्र का औपचारिकीकरण तथा राजस्व सृजन पर विशेष बल दिया गया है।

● Extended Producer Responsibility (EPR) व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा संसाधनों के कुशल उपयोग (Resource Efficiency) को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।

● बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहन (EV) संख्या को देखते हुए लिथियम-आयन बैटरियों के सुरक्षित पुनर्चक्रण (Recycling) और जीवन-चक्र प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

● यह पहल "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य के अनुरूप संसाधन-कुशल एवं निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहायक होगी।


मैटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI)

स्थापना: 1 नवंबर 2011

भूमिका: भारत के रिसाइक्लिंग उद्योग का प्रमुख संगठन, जो सतत अपशिष्ट प्रबंधन, रिसाइक्लिंग तथा सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।

राजस्थान में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्ययोजनाएँ

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल राजस्थान के जिलों के लिए वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु वार्षिक कार्ययोजनाएँ लागू करने के निर्देश जारी किए।


मुख्य बिंदु

● इन कार्ययोजनाओं का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार तथा प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

● योजना के अंतर्गत धूल प्रदूषण, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण गतिविधियाँ तथा कचरा एवं पराली जलाने जैसे स्रोतों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

● संबंधित जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

● प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

● नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।


वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)

● CAQM (Commission for Air Quality Management) का गठन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) तथा आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए किया गया है।

● यह आयोग राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक व प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण रणनीति तैयार करता है।

राजस्थान में "राइजिंग राजस्थान" के निवेश प्रस्तावों की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2025 के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।


मुख्य बिंदु

● बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा हस्ताक्षरित एमओयू (MoUs) की प्रगति की समीक्षा की गई।

● निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए।

● उद्योगों को आवश्यक भूमि, बिजली, पानी, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

● राज्य में निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

● रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को प्राथमिकता देने तथा युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

● मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों का प्रभावी क्रियान्वयन ही राजस्थान को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य बनाएगा। 


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

बैठक की अध्यक्षता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

संबंधित पहल: Rising Rajasthan Global Investment Summit

मुख्य उद्देश्य: निवेश प्रस्तावों का शीघ्र क्रियान्वयन एवं रोजगार सृजन

पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान डिस्कॉम्स को गोल्ड अवॉर्ड

हाल ही में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने पीएम-कुसुम योजना के कंपोनेंट-C के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान डिस्कॉम्स को गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया। 


मुख्य बिंदु:

● यह पुरस्कार ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के वार्षिक सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।

● राजस्थान डिस्कॉम्स की अध्यक्ष आरती डोगरा ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त किया।

● राजस्थान को पीएम-कुसुम योजना के कंपोनेंट-C के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह सम्मान मिला।

● राज्य में कंपोनेंट-A एवं कंपोनेंट-C के अंतर्गत अब तक 1307 विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

● इन संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 2877 मेगावाट है।


पीएम-कुसुम योजना

उद्देश्य:

● किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना।

● कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना।

● किसानों की आय में वृद्धि करना।

● डीजल एवं पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना।


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

पुरस्कार: गोल्ड अवॉर्ड

योजना: पीएम-कुसुम योजना (Component-C)

केंद्रीय मंत्री: मनोहर लाल

पुरस्कार प्राप्तकर्ता: राजस्थान डिस्कॉम्स

अध्यक्ष: आरती डोगरा

कुल सौर संयंत्र: 1307

कुल क्षमता: 2877 मेगावाट

राजस्थान कैबिनेट ने एयरोस्पेस, रक्षा एवं सेमीकंडक्टर नीति-2026 को मंजूरी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण नीति-2026 तथा राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026 को मंजूरी दी गई।


मुख्य बिंदु

● राजस्थान एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण नीति-2026

● राज्य को एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

● रक्षा उत्पादन, विमानन, ड्रोन, MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) तथा एयरोस्पेस उद्योगों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

● उद्योगों को भूमि, आधारभूत सुविधाएँ तथा आवश्यक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे।

● MSMEs और स्टार्टअप्स को रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

● कौशल विकास (Skill Development) एवं अनुसंधान (R&D) पर विशेष बल दिया जाएगा।


राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026

● राज्य में सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू की जाएगी।

● सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों, ATMP/OSAT इकाइयों तथा इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में निवेश आकर्षित किया जाएगा।

● निवेशकों को विभिन्न प्रकार के वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

● उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करने तथा राजस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।


नीति का महत्व

● राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा।

● युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

● मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत एवं राइजिंग राजस्थान अभियान को मजबूती मिलेगी।

● राजस्थान देश के उभरते हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होगा।


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य:

मंजूरी देने वाली संस्था: राजस्थान मंत्रिमंडल

अध्यक्षता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


मुख्य नीतियाँ:

● राजस्थान एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण नीति-2026

● राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026

राजस्थान सरकार ने गिग वर्कर्स वेलफेयर अधिनियम के तहत एग्रीगेटर नियमों को मंजूरी दी

राजस्थान मंत्रिमंडल ने राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एग्रीगेटर नियमों को मंजूरी प्रदान की।


मुख्य बिंदु:

● इन नियमों का उद्देश्य प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स के पंजीकरण एवं सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है.

● नियमों के तहत राज्य में कार्यरत ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।

● एग्रीगेटर कंपनियों से वेलफेयर सेस (Welfare Fee) लिया जाएगा, जिसका उपयोग गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए किया जाएगा।

● गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएँ तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

● गिग वर्कर्स के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) की व्यवस्था की जाएगी।

● राज्य सरकार द्वारा एक गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाएगा।

● यह पहल ऐप-आधारित टैक्सी चालक, फूड डिलीवरी पार्टनर, ई-कॉमर्स डिलीवरी एजेंट तथा अन्य प्लेटफॉर्म आधारित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


गिग वर्कर कौन होता है?

● गिग वर्कर वह व्यक्ति होता है जो किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म (App) के माध्यम से अस्थायी या कार्य-आधारित सेवाएँ प्रदान करता है।

उदाहरण:

● कैब चालक

● फूड डिलीवरी पार्टनर

● ई-कॉमर्स डिलीवरी एजेंट

● फ्रीलांसर


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य: राजस्थान

संबंधित अधिनियम: राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम

मुख्य उद्देश्य: गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना।

78वाँ सेना दिवस 2026 जयपुर में मनाया गया

15 जनवरी 2026 को 78वाँ सेना दिवस (Army Day) पहली बार राजस्थान की राजधानी जयपुर में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय सेना की वीरता, आधुनिक सैन्य क्षमता तथा स्वदेशी रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।


मुख्य बिंदु

● 78वें सेना दिवस का मुख्य समारोह जयपुर में आयोजित किया गया।

● इस अवसर पर भारतीय सेना ने सैन्य परेड, आधुनिक हथियारों, स्वदेशी रक्षा उपकरणों तथा सैन्य तकनीकों का प्रदर्शन किया।

● समारोह में सेना के विभिन्न अंगों की ऑपरेशनल क्षमता, युद्ध कौशल तथा आधुनिकीकरण को प्रदर्शित किया गया।

● भारतीय सेना के जवानों एवं अधिकारियों को विशिष्ट सेवा, शौर्य तथा उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न सम्मान एवं पदक प्रदान किए गए।

● कार्यक्रम में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा उपकरणों एवं तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया।

● इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्र सेवा तथा भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना भी था।


क्यों मनाया जाता है?

● 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

सेना दिवस: 15 जनवरी

वर्ष: 2026

संस्करण: 78वाँ

आयोजन स्थल: जयपुर (राजस्थान)

पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ: Field Marshal K. M. Cariappa

ऐतिहासिक वर्ष: 1949

पद्मश्री पुरस्कार (राजस्थान के 3 विजेता)


इस वर्ष राजस्थान की तीन हस्तियों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है—


गफूरुद्दीन मेवाती जोगी (कला–भपंग वादन)

निवासी — मूलतः: कैथवाड़ा (डीग), वर्तमान में अलवर।

विशिष्टता — वे 'पांडून का कड़ा' विधा के एकमात्र जीवित कलाकार माने जाते हैं।

योगदान — उन्हें महाभारत पर आधारित 2500 से अधिक दोहे कंठस्थ हैं। वे विलुप्त होती मेवाती लोक-परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। (पूर्व में राष्ट्रपति पुरस्कार–2024 विजेता)।


तगा राम भील (कला–अलगोजा वादन)

निवासी मूलसागर, जैसलमेर।

विशिष्टता — इन्हें 'अलगोजा का जादूगर' कहा जाता है। वे पिछले 55 वर्षों से इस वाद्य यंत्र को बजा रहे हैं और राजस्थानी लोक संगीत को नई ऊँचाइयों पर ले गए हैं।


स्वामी ब्रह्मदेव महाराज (समाज सेवा)

कार्यक्षेत्र — श्रीगंगानगर।

योगदान — इन्होंने 'श्री जगदंबा अंध विद्यालय' और 'मूक बधिर विकलांग संस्थान' की स्थापना की है। वे दिव्यांगजनों के कल्याण और पुनर्वास के लिए समर्पित हैं।

राजस्थान सरकार की कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले रक्षा, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से पहली बार एयरोस्पेस, रक्षा (Defence) और सेमीकंडक्टर से जुड़ी नई नीतियों को मंजूरी दी। इन नीतियों का लक्ष्य राज्य को रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाना है।


उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के अनुसार इन नीतियों से राज्य में एयरोस्पेस एवं डिफेंस पार्क, सेमीकंडक्टर पार्क, चिप डिजाइन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सरकार प्रशिक्षण लागत का 50% अनुदान भी उपलब्ध कराएगी।


पहली बार लागू की गई तीन प्रमुख नीतियाँ

1. एयरोस्पेस नीति

इस नीति के तहत राज्य में निम्न क्षेत्रों से जुड़ी इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी :

● विमान निर्माण

● यूएवी (मानवरहित हवाई वाहन)

● मिसाइल निर्माण

● एवियोनिक्स

● डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स

● एमआरओ (Maintenance, Repair and Operations)

● प्रिसिजन इंजीनियरिंग निर्माण

● साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना भी की जाएगी।

2. रक्षा (Defence) नीति

● बंदूक एवं आर्मर्ड वाहन निर्माण इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा।

● रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक वातावरण विकसित किया जाएगा।

3. सेमीकंडक्टर नीति

इस नीति के तहत :

● चिप निर्माण का संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

● चिप डिजाइन, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग जैसी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को विकसित किया जाएगा।

● विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित किया जाएगा।

● रिसर्च, तकनीकी कौशल विकास तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को प्रोत्साहन मिलेगा।


उद्योगों को मिलने वाली प्रमुख छूट

● 7 वर्षों तक राज्य कर का 75% पुनर्भरण।

● पहली मेगा एवं अल्ट्रा मेगा इकाइयों को विशेष बूस्टर तथा भूमि भुगतान में रियायत।

● बिजली शुल्क, मंडी शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी एवं रूपांतरण शुल्क में छूट।


अतिरिक्त लाभ

● 7 वर्षों तक बिजली शुल्क में पूर्ण छूट तथा स्टाम्प शुल्क एवं भू-रूपांतरण शुल्क में राहत।

● केंद्र सरकार से मिलने वाली पूंजी सब्सिडी के 60% के बराबर राज्य सरकार द्वारा अनुदान।

● टर्म लोन पर ब्याज अनुदान एवं कौशल प्रशिक्षण सहित अन्य प्रोत्साहन।

राजस्थान पुलिस के 'नजर ऐप' को राष्ट्रीय SKOCH Award से सम्मानित किया गया

हाल ही में राजस्थान पुलिस की जनोपयोगी पहल 'नजर ऐप' को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। किरायेदारों, ड्राइवरों और घरेलू सहायकों के सत्यापन को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए विकसित इस ऐप को SKOCH Foundation द्वारा Technology Innovation श्रेणी में SKOCH Award प्रदान किया गया।


मुख्य बिंदु

● 'नजर ऐप' राजस्थान पुलिस की एक जनहितकारी डिजिटल पहल है।

● इस ऐप के माध्यम से किरायेदार, ड्राइवर एवं घरेलू सहायकों का सत्यापन आसानी और पारदर्शिता से किया जा सकता है।

● इस नवाचार के लिए जयपुर पुलिस को Technology Innovation श्रेणी में SKOCH Award से सम्मानित किया गया।

● यह पुरस्कार 10 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

● 'नजर ऐप' के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप ने यह सम्मान प्राप्त किया।

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज पूनम चौधरी का निधन

11 जनवरी, 2026 को दो बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पदक दिलाने वाली प्रसिद्ध निशानेबाज पूनम चौधरी का निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 2001 में कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।


मुख्य बिंदु

● पूनम चौधरी ने 2001 की कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

● अपने खेल करियर में उन्होंने कुल 88 पदक जीते

● इनमें 86 राष्ट्रीय (National) पदक शामिल थे।

राष्ट्रीय पदकों में 17 स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

● वर्ष 2018 में राजस्थान सरकार ने उन्हें महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित किया था।

देश का चौथा स्वदेशी परमाणु रिएक्टर मई में ग्रिड से जुड़ेगा, रावतभाटा में 9 और 10वीं इकाई को मंजूरी

राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना (रावतभाटा) से जुड़ी बड़ी उपलब्धि सामने आई है। देश की स्वदेशी तकनीक से निर्मित इकाई-8 को मई 2026 में ग्रिड से जोड़ने की तैयारी है। साथ ही, 700-700 मेगावाट क्षमता वाली इकाई-9 और इकाई-10 को भी सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है।


मुख्य बिंदु

● राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की इकाई-8 की पहली क्रिटिकलिटी अप्रैल माह में होगी।

● इसके बाद मई 2026 में इकाई-8 को सिंक्रोनाइज कर राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा।

रावतभाटा परमाणु परियोजना का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

● सरकार ने 700-700 मेगावाट क्षमता वाली प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) आधारित इकाई-9 एवं इकाई-10 को मंजूरी दे दी है।

● न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स द्वारा मॉड्यूल-2 में फ्यूल बंडलों का उत्पादन कर इकाई-7 को आपूर्ति की जा रही है।

● मॉड्यूल-1 में भी उत्पादन शुरू हो चुका है, जिसके लिए उज्बेकिस्तान से 250 मीट्रिक टन यूरेनियम मंगाया गया है।

● परमाणु बिजलीघर की इकाई-3 एवं 4 ने 92.57% उपलब्धता हासिल कर WANO Rating-2 तथा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।

● वहीं इकाई-5 एवं 6 ने लगातार 579 दिनों तक संचालन का रिकॉर्ड बनाया।

वंदे मातरम् @150 अभियान में राजस्थान देश में प्रथम

'वंदे मातरम् @150' कार्यक्रम के तहत 26 जनवरी 2026 को सेल्फी अपलोड अभियान में राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा।


मुख्य बिंदु

● 26 जनवरी 2026 को आयोजित सेल्फी अपलोड अभियान में राजस्थान ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।


● गणतंत्र दिवस परेड में बीकानेर की उस्ता कला पर आधारित राजस्थान की झांकी 'Golden Touch of the Desert' को MyGov पोर्टल पर Popular Choice Award से सम्मानित किया गया।


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